:
Breaking News

आरा में शादी समारोह के दौरान चली गोली, हर्ष फायरिंग में बाराती गंभीर रूप से घायल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

भोजपुर जिले के आरा में शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में बारात में शामिल एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज आरा सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

आरा/आलम की खबर:बिहार में शादी समारोहों के दौरान होने वाली हर्ष फायरिंग की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। तमाम सख्ती और कानूनी चेतावनियों के बावजूद लोग खुशी के मौके पर हथियारों का प्रदर्शन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला भोजपुर जिले के आरा से सामने आया है, जहां बारात के दौरान हुई फायरिंग में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।

घटना सिकरहटा थाना क्षेत्र के देव गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार गांव में शादी समारोह का आयोजन चल रहा था और बारात पहुंचने के बाद डीजे की धुन पर नाच-गाना हो रहा था। बारात में शामिल लोग खुशी का इजहार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते एक व्यक्ति जमीन पर गिर पड़ा और वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

घायल व्यक्ति की पहचान बक्सर जिले के नवानगर थाना क्षेत्र के नवानगर गांव निवासी हरेंद्र यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उनकी उम्र करीब 45 वर्ष है और वे कारोबार से जुड़े हुए हैं। घटना के समय वे बारात में शामिल होकर शादी समारोह का हिस्सा बने हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग के दौरान चली गोली उनके बाएं हाथ की बांह में जा लगी, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

गोली लगते ही शादी समारोह की खुशियां कुछ ही पलों में चीख-पुकार में बदल गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायल व्यक्ति को संभाला और इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें काफी रक्तस्राव हुआ था।

घटना के बाद शादी समारोह में शामिल लोगों के बीच भय और दहशत का माहौल बन गया। कई लोग मौके से हट गए, जबकि परिवार के सदस्य और रिश्तेदार काफी परेशान दिखाई दिए। ग्रामीणों के बीच देर रात तक इस घटना की चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गोली किसी संवेदनशील हिस्से में लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और घटना की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग किसने की और हथियार कहां से लाया गया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फायरिंग खुशी जाहिर करने के दौरान की गई थी, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बिहार में हर्ष फायरिंग पर पहले से ही कानूनी रोक है। इसके बावजूद शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों में कई लोग हथियारों का प्रदर्शन करने को शान समझते हैं। कई बार ऐसे मामलों में मासूम लोग गोली का शिकार हो जाते हैं। राज्य में पहले भी हर्ष फायरिंग के दौरान मौत और गंभीर चोट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक लेने को तैयार नहीं दिखते।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे सामाजिक मानसिकता भी जिम्मेदार है। कुछ लोग शादी समारोह में हथियार लहराने और गोली चलाने को प्रतिष्ठा और दबदबे से जोड़कर देखते हैं। जबकि हकीकत यह है कि एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शादी समारोहों में अवैध हथियारों और फायरिंग पर सख्त निगरानी रखी जाए। उनका कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क रहें तथा आयोजकों को स्पष्ट चेतावनी दी जाए तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। कई लोगों ने यह भी कहा कि समारोहों में डीजे और हथियारों के प्रदर्शन की बढ़ती प्रवृत्ति सामाजिक चिंता का विषय बन चुकी है।

कानून के जानकार बताते हैं कि हर्ष फायरिंग के मामलों में भारतीय कानून के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। यदि किसी की जान जोखिम में पड़ती है या कोई घायल होता है तो संबंधित व्यक्ति पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा हथियार का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। बावजूद इसके, कई लोग कानून की परवाह किए बिना इस तरह की हरकतें करते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सख्त कानून होने के बावजूद हर्ष फायरिंग की घटनाएं क्यों नहीं रुक पा रही हैं। समाज में जागरूकता की कमी और कानून का भय कम होना भी इसके पीछे बड़ी वजह मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि लोगों की सोच में बदलाव लाना भी जरूरी है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश हो रही है कि फायरिंग किस परिस्थिति में हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भोजपुर की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि खुशी के नाम पर की जाने वाली लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। शादी जैसे खुशियों भरे आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *